इंतज़ार किया उसका हमने , वक़्त के दरिया बह गए
डूबने के बजाये उस दल दल मैं ,कमल बनके हम खिल गए
मजनू बने , शायर बने , आशिक बनके बर्बाद हुए
दुनियावालों की इस बस्ती मैं ,दुनियावाले बन के रह गए ...
अल्लाह ने कहा तुम तो दिलवाले हो ,सबके बस का ये खेल नहीं
मेरी मर्ज़ी मैं अपनी मर्ज़ी मिला देना,सबकी हिम्मत ये होती नहीं
नया हौंसला नयी उमंग नयी तरंग से मैं फिर उठा , दिल की बात हमेशा सुनु मैं,हमेशा रहेगी यही दुआ
-आमीन
डूबने के बजाये उस दल दल मैं ,कमल बनके हम खिल गए
मजनू बने , शायर बने , आशिक बनके बर्बाद हुए
दुनियावालों की इस बस्ती मैं ,दुनियावाले बन के रह गए ...
अल्लाह ने कहा तुम तो दिलवाले हो ,सबके बस का ये खेल नहीं
मेरी मर्ज़ी मैं अपनी मर्ज़ी मिला देना,सबकी हिम्मत ये होती नहीं
नया हौंसला नयी उमंग नयी तरंग से मैं फिर उठा , दिल की बात हमेशा सुनु मैं,हमेशा रहेगी यही दुआ
-आमीन
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